Abstract : ब्रिटिष राजसत्ता के नियंत्रण से मुक्ति हेतु उन्नीसवीं सदी के अंतिम दषकों मंे अखिल भारतीय स्तर पर राष्ट्रीय चेतना के संचार के साथ स्वाधीनता आन्दोलन मंे भी गतिषीलता दृष्टिगोचर होती है। यद्यपि भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन के दीर्घकालिक संघर्ष में विभिन्न वर्गाें ने अपना अमूल्य योगदान प्रदान कर भारत को ब्रिटिष दासता से मुक्त कराने हेतु अथक प्रयास किए।